मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

सपा में सम्‍मान

प्रदेश वासियों जिस तरह से आपने पिछले चार चरणों में मतदान किया है उसके लिये शुक्रिया। आजादी के बाद पहली बार आपने इतनी बडी उत्‍सुकता से मतदान किया है उससे प्रदेश में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है। इसे हम अपने पक्ष में मानते हैं। छठे चरण में पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश की सीटों में से कुछ सीटें मेरे लिये महत्‍वपूर्ण है जिनमें धौलाना से मेरे मित्र बड़े भाई श्री धर्मेश तोमर जी, थानाभवन से किरणपाल कश्‍यप जी, गंगोह से चौ0 रूद्रसैन, मोदीनगर से विकास पुरूष रामआसरे शर्मा जी हैं। इस बार आशा है कि ये सभी विधानसभा में अपने अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व करेंगे। कल पन्‍ना लाल कश्‍यप जी ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन की उनका मैं स्‍वागत करता हॅ़। जिस तरह से बसपा में उन्‍हें अपमानित होना पडा वो कोई बडी बात नही है कश्‍यप निषाद समाज के नेताओं को अपमानित करना बसपा की संस्‍क़ति है़, वो तो शुक्र है कि उनका इनकाउंटर नहीं हुआ वरना कोना जाने कि उनका हश्र जमना प्रसाद निषाद जी के जैसा हो जाता। हर कोई नरेन्‍द्र कश्‍यप जैसा नहीं हो सकता जो बसपाई संस्‍क़ति को अपने समाज के हितों को गिरवी रखकर पालन पोषण कर रहा हो उसी का फल उन्‍हें मिल भी रहा है। काफी लोग हमसे सवाल करते हैं कि आपको कभी कुछ नही मिला। सही है कुछ नही मिला लेकिन जो हम चाहते हैं कि मिले वो पूरे समाज को मिले। यदि आज हम लोग अनुसूचित जाति में श‍ामिल हो गये होते तो आज शायद किसी सुरक्षित सीट से मैं और मेरे समाज के न जाने कितने लोग चुनाव जी‍त कार विधान सभा में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व कर रहे होते। न जाने कितने मेरे भाई बहिन सरकारी नौकरियों में जाते, मेरे गरीब भाई बहिन इंजीनियर, डाक्‍टर आदि बनकर अपने देश समाज की सेवा कर रहे होते। इसलिए सोचता हूॅ कि कुछ हमें न‍ मिलना ही सही क्‍योंकि यदि मै कहीं कोई लाभ प्राप्‍त करता तो उससे केवल हो सकता था कि मुझे ही फायदा होता लेकिन यदि आरक्षण मिलने से पूरे समाज को लाभ मिलेगा इसलिए आरक्षण की लड्ाई लड्ते रहना ही सही है। इसी को ध्‍यान में रखकर मैं कश्‍यप निषाद समाज के लोगो से अपील करता हुॅ कि साइकिल के सामने वाला बटन दबाकर समा‍जवादी पार्टी को जिताएं क्‍योंकि यही एक दल है जिसने आपकी हर लड्ाई लड्ी आपसे किए हर वादे को पूरा किया है कभी आपको अपमानित नहीं किया है। चौथे चरण में माननीय विशम्‍भर प्रसाद निषाद जी की जीत की कामना करते है।

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